मैं जो हूँ ग़र हूँ-कैसे अलव़िदा कहूँ..

मैं जो हूँ तो हूँ क्या करूँ,

तुमको पसन्द ना आये तो क्या इल्तिज़ा करूँ,

शाम आगई विदाई की,सुब़ह भी तो विदा हुई है।

अब आप ही कहिये खुदा हाफ़िज कहूँ,अलविदा कहूँ

या कसीदा-ए- ख़ुश आमद़ीद का पढूँ।

हर रात एक नयी सुबह लाती है जैसे मोतियों की लड़ी हो,

मैं तुम्हें, तुम मुझे पहनाओ ना ये माला,क्या ख्य़ालों में में उलझी कोई गड़बड़ी है।

मैं जा रही हूँ तो क्या, रौनक-ए-जहाँ को अलविदा कहूँ,

चुना है एक नया म़ुकाम तो क्या ,इस म़ुकाम को भी इब्तिदा-ए-दुआ तो दूँ,

इन नन्हें फूलों की खातिर दिल दे रहा है आस्मान की बुलन्दियों का ख़्वाब आँखों में और ज़ज्बा

कि हर नई उम़र की फ़सल कहे-चल आस्माँ को छूंले।

जा रही हूँ यादों का हसीन तोहफ़ा लिये,

और दिल से तुम सबकी तरक्की का प़रवाना दिये।

मेहमान बन कर आये थे तो जाना भी है,

अब मेरा नया मुक़ाम है,नये रास्ते हैं।

पर यहाँ अभी तुम्हें तो रुकना इसी मुक़ाम पे,

क्योंकी यही से खुलते दरव़ाजे तुम्हारी तरक्की के व़ास्ते हैं।

जाने का मतलब सब कुछ खत्म होना नहीं,इक नई शुरूआत होती है।

मेरे प्यारे साथियों,अलविदा कह तो रही हूँ रवायतों के नाम तुम्हें,

पर याद रखना कि ये एक लफ़्ज ग़र कभी कहना पढे तुम्हें तो याद रखना कि कोई नया जहाँ बुला रहा है तुम्हें।

Written by Aruna Sharma.

11.00pm. 30.06.2019

All copyrights are reserved by Aruna Sharma.

(Images are taken from Google)

An envelope full of kisses….

My soul has sent you an envelope full with most kisses,my dear!!

On your eyes and forehead,it may be healer.

If you believe in power of pure soul,it is proof of believer.

Sometime stream of pains becomes out of control,

Then this stream converts in the flood and drown all into hurricane.

After then,my dear!!you will see a rainbow around of you.

A blessed place will be the part of you

And the flame of heart will enlighten your path.

I have said already by as my heart says.

It is life,my dear!! only to give examination to open every lays.

The result is depended on your positive phrase.

Love dear!! the life because it is your treasure.

May be any accident happens not for sorrow but for a inspiring pressure.

Love is bloomed in this condition not for only one,

But fragrants for all universal garden.

Hey my friendew!!plz accept my envelope and keep that under your pillow,

For your peace,calmness’s blessings of wandering heart,it will be blossomed flor sangrando corezòn and willow.

Written by Aruna Sharma.

26.06.2019 1.59at midnight

All copyrights are reserved by Aruna Sharma.

Images are taken from Google.

मेरे रास्ते मुझे बुलाते हैं……..(my ways call me)

मेरी ज़िन्दगी में सिर्फ रहगुज़र हैं,

मंजिल नहीं ना तमन्ना-ए-मंजिल।

चलते हैं कदम बेख़ुदी में यूँ ही,

साथ चाहे कोई नहीं पर ख़ुद में ग़ाफिल।

कहाँ कहाँ से दोस्त बनाये थे-कहाँ गये,

तन्हाइयों से पूछते हैं मेरा जलते द़ाग-ए-द़िल।

जोड़ते गये तोड़ते गये-एक तमाशे सा,क्या मिला,

ज़िदगी को फ़कत स़िफर का ह़ासिल।

लोग तो मिलते हैं लेके नाम जुद़ाई का,

सही है-फ़ूल खिलते हैं,तो हैं मुरझाने के काब़िल।

तभी हर मकान नज़र आता है फ़कत मकान,

घर तो अब दिखता नहीं कि घर के अब लोग नहीं रहे क़ायल?

पैसा,शोहरत की धुन में नींदें भी गुम इनकी खनक में,

चैन तो सो गया बँसी की धुन लिये कि अब नहीं आती आवाज़-ए-पायल।

उफ्फ,म़हफिल से उकता गया है मेरा मैं,

खामोशी की गूँज बनी अब साथी-ए-द़िल।

अब हर म़हफिल,माज़ी,रहऩुमा ख़ुदा हाफ़िज,

अलव़िदा अब सभी को जो थे कभी मेरा स़ाहिल।

याद-ए-दोस्ती ठीक,पर दोस्त अलव़िदा,दुश़्मनों की दुश़्मनी अलव़िदा,

अलव़िदा ये पुराना म़ुकाम कि पुकारे है मेरा राह़िल।

फ़कत इतना काफ़ी कि पैरों के नीचे जमीं,

सिर पे आस्माँ की छतरी और आव़ारा से ब़ादल।

हाँ कह रहा है द़िल सब को अलव़िदा, प्यार फूलों का सहेजे,

उन तू तू मैं मैं को अलव़िदा रख दी ताक पे ,कस के गाँठ बना के पोटली-ए-आँचल।

Written by Aruna Sharma.

18.06.2019. 11.25 AM

All copyrights are reserved by Aruna Sharma.

My all dreams lie in your eyes, my dear!!

I am your soul, how, I don’t know!

You are my both eyes, sure, that I

know.

Because those eyes have my all lovely dreams.

Because your eyes are mine forever

like lovely streams.

Do you agree with me, oh my dear

friend?

One has my all present pleasure and

other has my sweet los sueno for my

lovely beattle’s band.

Without your eyes my world

seems to lost in darkness.

I know your difficulties but plz let your eyes smile for my heart’s awareness.

Oh dear!! Do you know what are your values for my existence?

I can never be as I am now without your awesome-ness.

You are the west, dear and I am the east completely unknown for you.

But I feel like always as still and for many centuries, has been for you

Oh, one complain I have in my heart from the fate,

Why was she not allow you to take birth before me but late.

If you were then I could come in your

lonely life as me

To never leave you, to embracing

your all sorrows…

Do you also think all these things like I

think as a craziest marsh of sytix.?

But that is not for us because the Love

loves only dawn’s dew and dusky

pomegranate in horizon.

Written by Aruna Sharma. All copyrights are reserved by Aruna Sharma.

11:50 PM. 14-6-19.

Images are taken from Google.

Dedicated to my special friend who lives at that place ,i am unknown about that place and too my friendew.🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹